आजमगढ़ , अप्रैल 7 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सिधारी थाना क्षेत्र के बाग लखराव में दो वर्ष पूर्व हुए पंकज हत्याकांड में अदालत ने मंगलवार को पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विशेष सत्र न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी की अदालत ने सभी दोषियों पर 37-37 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 21 मार्च 2024 की है। वादिनी किरन के पति पंकज को गांव के ही गुड्डू भारती पंचायत के बहाने घर से बुलाकर ले गया था। इसके बाद आरोपियों ने लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से उस पर हमला कर दिया।
सूचना मिलने पर जब किरन मौके पर पहुंची तो उसने देखा कि निखिल भारती, गुड्डू भारती उर्फ कैलाश, वंश बहादुर, जंग बहादुर और गुलाबी देवी सहित अन्य लोग पंकज की पिटाई कर रहे थे। शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गए, जबकि गंभीर रूप से घायल पंकज की अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई।
पुलिस ने जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले में एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेजा गया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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