आजमगढ़ , मार्च 20 -- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की एक अदालत ने साढ़े चार वर्ष पुराने जघन्य अपराध के मामले में मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1) अमर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को शुभम गोंड को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद के साथ 1.20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं, पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में दो अन्य नामजद आरोपियों को बरी कर दिया गया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुबारकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 अगस्त 2020 की रात 18 वर्षीय युवती संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव गांव के बाहर स्थित पोखरे से बरामद हुआ था। मृतका के पिता की तहरीर पर कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बनकट जगदीशपुर निवासी शुभम गोंड तथा गांव के ही संदीप और बिंदु गोंड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

आरोप था कि युवती का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और पहचान छिपाने के उद्देश्य से गला दबाकर हत्या कर शव पोखरे में फेंक दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने मुख्य आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि अन्य दो आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध न होने पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।

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