आजमगढ़ , जनवरी 02 -- आजमगढ़ जिले में जीयनपुर थाना क्षेत्र की पुलिस टीम ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर लाखों रुपये की ठगी करता था।

इस अन्तर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए जीयनपुर पुलिस ने गिरोह के दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, नकदी, 25 एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और फर्जी नंबर प्लेट लगी कार बरामद की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आज शुक्रवार को ग्राम नरईपुर के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर कार को रोका। कार सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पकड़े गए अभियुक्तों ने अपना नाम दीपक तथा सौरभ चौधरी बताया। पुलिस ने इनके पास से दो तमंचा .315 बोर, दो जिंदा कारतूस, 25 एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन, 45 हजार रुपये नकद तथा फर्जी नंबर प्लेट लगी कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त संगठित गिरोह के रूप में अलग-अलग राज्यों में एटीएम बूथों को निशाना बनाते थे। वे एटीएम संचालन में असहज, वृद्ध या कम पढ़े-लिखे लोगों को मदद के बहाने भ्रमित कर उनका एटीएम कार्ड बदल लेते थे और फिर पिन प्राप्त कर अलग-अलग एटीएम मशीनों से धन निकासी कर लेते थे।

यह मामला बीते वर्ष 11 दिसंबर को जीयनपुर थाने की पुलिस के पास तब पहुंचा जब शिकायतकर्ता कर्मजीत प्रजापति के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया,जीयनपुर के एटीएम से पैसा निकालते समय दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एटीएम कार्ड बदलकर 25 हजार रुपये निकाल लिए गए।

पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने बताया कि अभियुक्त एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते थे तथा विभिन्न जनपदों/राज्यों में स्थित एटीएम मशीनों को अपना लक्ष्य बनाते थे। एटीएम बूथ पर ऐसे खाताधारकों को चिन्हित करते थे जो एटीएम संचालन में असहज, वृद्ध या कम शिक्षित प्रतीत होते थे। सहायता के बहाने अभियुक्त एटीएम बूथ के अंदर प्रवेश कर पीड़ित से बातचीत कर उसका ध्यान भटकाते थे।

मौका पाकर पीड़ित का वास्तविक एटीएम कार्ड चोरी कर लेते थे तथा उसकी जगह दूसरा एटीएम कार्ड बदलकर पीड़ित को दे देते थे। कई मामलों में एटीएम मशीन में कार्ड फँसने का नाटक कर पीड़ित को भ्रमित करते थे। पीड़ित का एटीएम कार्ड एवं पिन प्राप्त होते ही अभियुक्त विभिन्न एटीएम मशीनों से शीघ्र धन निकासी कर लेते थे।

पुलिस की पहचान से बचने के लिए अभियुक्त एक ही स्थान पर बार-बार वारदात नहीं करते, बल्कि स्थान बदल-बदलकर अपराध करते थे। घटनास्थल पर आने-जाने के लिए अभियुक्त फर्जी नंबर प्लेट लगी कार का प्रयोग करते थे। पकड़े जाने की स्थिति से बचाव के लिये अभियुक्त अवैध हथियार अपने पास रखते थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे इस प्रकार कई जनपदों व राज्यों में एटीएम कार्ड बदलकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।

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