राजनांदगांव , जनवरी 27 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरि तीर्थक्षेत्र के विद्यासागरोदय समाधि स्थल में संत शिरोमणि आचार्य 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के द्वितीय समाधि स्मृति महामहोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने समाधि स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री द्वारा आचार्य विद्यासागर जी के नाम पर जारी 210 डाक लिफाफों तथा भारत सरकार द्वारा जारी चांदी के स्मारक सिक्के का विमोचन किया गया। साथ ही आचार्य विद्यासागर संग्रहालय का शिलान्यास एवं भूमिपूजन कर पौधरोपण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान आचार्य विद्यासागर जी से संबंधित पुस्तकों का भी अनावरण किया गया तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महामुनिराज वर्तमान में रहकर भी वर्धमान थे, देह में होकर भी विदेह थे और लोक में रहकर भी अलौकिक थे। वे चलते-फिरते तीर्थ थे, जहां भी उनका चातुर्मास होता, वह स्थान तीर्थ बन जाता। उनकी वाणी में सत्य, तेज और ओज था और उनके विचारों ने समाज को सही दिशा देने का कार्य किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी द्वारा दिखाए गए त्याग, संयम और स्वदेशी के मार्ग को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने भारतीय संस्कृति के संरक्षण, स्वदेशी को जीवन का संस्कार बनाने तथा राजभाषा हिंदी के सम्मान को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने डोंगरगढ़ को जैन, शक्ति और बौद्ध परंपराओं के संगम का अद्भुत स्थल बताया।

डोंगरगढ़ प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मां बम्लेश्वरी मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां बम्लेश्वरी से देश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद संतोष पाण्डे, विधायक दलेश्वर साहू, कोमल सिंह राजपूत, पूर्व विधायक रामजी भारती सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जैन समाज के प्रबुद्धजन, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कलेक्टर जितेन्द्र यादव एवं पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।

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