उदयपुर , दिसम्बर 05 -- तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण को श्रद्धा, भक्ति, त्याग, शौर्य और बलिदान वाले राजस्थान में उदयपुर संभाग में अहिंसा यात्रा के माध्यम से नशामुक्ति, नैतिकता और सद्भावना का संदेश देते हुए शुक्रवार को एक महीने का समय पूर्ण हो गया।

आचार्य महाश्रमण ने इस एक महीने की मेवाड़ यात्रा के दौरान मेवाड़ के विभिन्न क्षेत्रों का विचरण करते हुए जन जन को अहिंसा का संदेश दिया।

श्री मेवाड़ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी कांफ्रेंस के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने शुक्रवार को बताया कि आचार्य महाश्रमण आज प्रातः कितेला से विहार करके महाराणा प्रताप की विजय स्थली दिवेर पधारे। दिवेर में आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में मेवाड़ स्तरीय मंगल भावना और दायित्व हस्तांतरण समारोह का आयोजन किया गया।

श्री फत्तावत ने बताया कि पांच नवम्बर को शुरू हुई आचार्य महाश्रमण की एक महीने की मेवाड़ यात्रा का दायित्व श्री मेवाड़ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी कांफ्रेंस को दिया गया और मेवाड़ कांफ्रेंस द्वारा उस दायित्व का निर्वहन किया गया।

उन्होंने बताया कि आचार्य महाश्रमण ने इस दौरान गुजरात सीमा से डूंगरपुर, सलूम्बर उदयपुर होकर राजसमंद जिलें मे विभिन्न स्थानों पर विचरण करते हुये अपनी यात्रा सम्पन्न की।

श्री फत्तावत ने बताया कि मंगल भावना और दायित्व हस्तांतरण समारोह में शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव स्वामी विज्ञानानंद, मेवाड़ राजघराने के डॉ लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के प्रतिनिधि के रूप में जय कुमार कालिया, भीम विधायक हरिसिंह रावत, दिवेर के सरपंच भंवर सिंह, महासभा अध्यक्ष मनसुख लाल सेठिया ने अपनी अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।

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