मोहाली , अप्रैल 30 -- पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि आगामी नगर निगम चुनावों में संभावित हार के डर से सरकार अलोकतांत्रिक हथकंडे अपना रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किया गया वार्ड परिसीमन पूरी तरह त्रुटिपूर्ण, अपारदर्शी और पक्षपातपूर्ण है, जो एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।
पूर्व मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि वार्ड नंबर 42 में सामान्य वर्ग के 678 वोट हैं, जबकि वार्ड नंबर 46 में अनुसूचित जाति वर्ग के 7002 वोट हैं, जो लोकतंत्र का गला घोंटने और मतदाताओं के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन नियमों और कानून के अनुसार निष्पक्ष तरीके से किया जाता, तो शहर में आसानी से 80 से 90 वार्ड बनायक जा सकते थे, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए पूरे क्षेत्र को जबरन50 वार्डों तक सीमित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर सूचियों में लगातार बदलाव यह साबित करता है कि पूरी प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है। पन्द्रह दिन पहले की सूची अलग थी, अब अलग है और जल्द ही एक नई सूची आने की बात कही जा रही है, जो चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि एससी वर्ग के वार्डों के साथ भी अन्याय किया गया है, जो बेहद निंदनीय है और यह दर्शाता है कि सरकार हर वर्ग के साथ विश्वासघात कर रही है।
श्री सिद्धू ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने अपने नेताओं और उनके परिवारों को फायदा पहुंचाने के लिए वार्ड सीमाओं में हेरफेर किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में पहले ही आपत्ति दर्ज कर चुकी है और यदि कोई कार्रवाई नहीं होती है तो पार्टी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार चाहे जितने दबाव के तरीके अपनाए, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। जनता के अधिकारों की लड़ाई और तेज होगी और पार्टी चुनाव मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरेगी।
उन्होंने मांग की कि वर्तमान परिसीमन को तुरंत रद्द कर निष्पक्ष और संतुलित नई प्रक्रिया लागू की जाये, ताकि हर मतदाता को समान अधिकार मिल सके।
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