जयपुर , फरवरी 03 -- राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मंगलवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि प्रदेश में विभिन्न कारणों से रिक्त चल रही 2042 उचित दर की दुकानों के सत्यापन और आवंटन का कार्य प्रक्रियाधीन है और आगामी दो महीनों में इन दुकानों के आवंटन का कार्य पूरा किया जा सकेगा।
श्री गोदारा प्रश्नकाल में विधायक ललित मीना के पूरक प्रश्नों के जवाब में यह बात कही। उन्होंने बताया कि बारां जिले में 100 क्विंटल से अधिक बकाया गेहूं वाली 77 उचित दर की दुकानों में से 36 दुकानों को निरस्त किया गया था। इनमें तीन दुकानों का आवंटन किया जा चुका हैं तथा 14 दुकानों के आवंटन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि शेष 19 दुकानों के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि प्रदेश में 636 राशन डीलर हैं, जिनकी पास मशीन के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बकाया पाया गया है। इन राशन डीलरों में से 501 उचित दर दुकानदारों को निलम्बित किया गया है। इनमें से 394 के प्राधिकार पत्र निरस्त किये गये हैं। उन्होंने इनका जिलेवार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा।
श्री गोदारा ने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का विनियमन) आदेश 1976 के तहत उचित दर दुकानदारों द्वारा गबन एवं अनियमितता किये जाने पर उनके प्राधिकार पत्र निलम्बन, निरस्त एवं प्रतिभूति राशि को जब्त किये जाने के प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में उचित मूल्य दुकानदारों के विरुद्ध गबन और अनियमितता के प्रकरणों में राशि की वसूली की कार्यवाही के निर्देश प्रदान किये हुये हैं। अब तक 21 उचित दर दुकानदारों से वसूली की जा चुकी है एवं 244 उचित दर दुकानदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है।
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