आगरा , नवंबर 11 -- यमुना पार क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल संकट की समस्या को समाप्त करने के लिए आगरा में जल निगम ने पोइया घाट पर यमुना नदी में 85 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का एक विशाल इंटकवेल और उससे जुड़ा 55 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। यह परियोजना यमुनापार के 55 हजार घरों में सुबह और शाम यमुना जल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
इसके अंतर्गत पोइया घाट, खंदौली की तरफ यमुना नदी में 85 एमएलडी का इंटकवेल बनेगा, जो नदी में तीन से सात मीटर तक भीतर होगा। वर्तमान में जल निगम की टीम ने मिट्टी के नमूने लेने का कार्य शुरू कर दिया है। जहां भी मिट्टी सख्त होगी, वहीं इसका निर्माण किया जाएगा। इंटकवेल से केवल आधा किलोमीटर की दूरी पर 55 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। इंटकवेल से सीधा पानी प्लांट में पहुँचेगा, जहाँ इसका शोधन होगा और फिर शुद्ध जल की आपूर्ति यमुनापार के क्षेत्रों में की जाएगी।
परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए 231 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी तेजी से चालू हो चुका है। लाइन बिछाने के साथ ही घरों में कनेक्शन देने का काम भी शुरू किया जाएगा। यह कार्य एक से डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य है, जिसके बाद यमुनापार के निवासियों को पेयजल संकट से मुक्ति मिल सकेगी।
यमुनापार के कई नए क्षेत्रों में पाइपलाइन न बिछने के कारण, खासकर गर्मी के मौसम में, लोगों को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ता था। निजी टैंकर संचालक भारी मनमानी वसूली करते थे, जिसकी शिकायत प्रतिदिन नगर निगम और कलेक्ट्रेट में पहुँचती थीं। योगी सरकार ने लोगों की समस्या को गंभीरता से लिया और यह नई पेयजल योजना (प्रथम और द्वितीय) शुरू की गई है, जिससे जल संकट को खत्म किया जा सके।
मंडलायुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार प्रदेश के हर नागरिक को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने की प्रतिबद्ध है। जनपद आगरा के 55 हजार घरों में पेयजल उपलब्ध कराने की इस महत्वपूर्ण परियोजना की हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है, ताकि कार्य जल्द से जल्द पूरा हो सके।
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