पटना, जनवरी 13 -- पटना शहर में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं अनुशासित बनाने की दिशा में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की भूमिका लगातार प्रभावी साबित हो रही है।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की परियोजना इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े हाई-रेजोल्यूशन एवं ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरों की सहायता से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर ऑटोमेटिक चालान की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
नए साल के शुरुआत में ही आईसीसीसी के कैमरे द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में दस हज़ार से अधिक ट्रैफिक उल्लंघन चिन्हित किए गए। इनमें ओवरस्पीडिंग, हेलमेट नहीं पहनना, ट्रिपल राइडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, बिना बीमा, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग, ट्रैफिक सिग्नल उल्लंघन एवं नो पार्किंग पार्किंग जैसे मामले प्रमुख रूप से शामिल हैं ।
आईसीसीसी कैमरों द्वारा चालान सत्यापित कर सीधे जनरेट किए जाते हैं। चालान की सूचना वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और मानव हस्तक्षेप से मुक्त है।नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर आईसीसीसी के कैमरों द्वारा वाहन नंबर ऑटोमेटिक स्कैन कर सीधे चालान काटा जाएगा।
जहां एएनपीआर कैमरे नहीं हैं, वहां आईसीसीसी के सर्विलांस कैमरों से ली जा रही है एवं तस्वीरों के आधार पर भी चालान जारी किए जा रहे हैं।
गौरतलब है की यह अभियान नगर आयुक्त-सह-प्रबंध निदेशक पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड यशपाल मीणा के आदेश से 28 नवंबर से जारी है और अब तक ऐसे 1600 वाहन चिन्हित किए गए हैं।
पटना शहर के नेहरू पथ, बोरिंग रोड, कंकड़बाग, राजाबाजार, फ्रेजर रोड, एग्जीबिशन रोड, पटना जंक्शन क्षेत्र, गांधी मैदान सहित अन्य सभी प्रमुख एवं भीड़भाड़ वाले मार्गों पर रेगुलर और रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।अवैध पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण, ट्रैफिक जाम में कमी और यातायात को सुगम बनाना है। नगर आयुक्त-सह-प्रबंध निदेशक पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त न किया जाए।
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