लेह (लद्दाख) , जनवरी 24 -- मेजबान लद्दाख ने शनिवार महिलाओं की 2000 मीटर शॉर्ट ट्रैक रिले जीतकर खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 में अपना पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। हालांकि, शॉर्ट ट्रैक स्केटिंग में दो और स्वर्ण पदक जीतकर हरियाणा ने कुल चार स्वर्णों के साथ पदक तालिका में बढ़त बनाए रखी। दिन की सबसे बड़ी खबर पुरुष आइस हॉकी प्रतियोगिता में चंडीगढ़ की लद्दाख पर चौकाने वाली जीत रही। इस जीत ने उसने फाइनल में आर्मी के साथ खेलना तय किया।
आज यहां नवांग दोरजे स्टोब्दान (एनडीएस) स्टेडियम में खेले गये पुरुष आइस हॉकी के सेमीफाइनल आर्मी ने कट्टर प्रतिद्वंद्वी आईटीबीपी को 2-0 से हराया। आर्मी के लिए पहले (20 मिनट) पीरियड के 18वें मिनट में जिग्मत कुंजंग ने गोल किया, जबकि तीसरे पीरियड के छठे मिनट में पद्मा नोरबू ने बढ़त को दोगुना कर दिया।
दोनों टीमों के बीच तीखी बॉडी प्ले देखने को मिली। कुंजंग और नोरबू ने आईटीबीपी की उस रक्षा पंक्ति को भेदने में सफलता पाई, जो कई मौकों पर कमजोर दिखी। आईटीबीपी का दूसरा गोल अपेक्षाकृत आसान रहा, जब नोरबू का दूर से लगाया गया पुश गोलकीपर को चकमा दे गया।
दूसरे पुरुष आइस हॉकी सेमीफाइनल में, अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही चंडीगढ़ टीम ने लद्दाख को 3-2 से हराकर आर्मी के खिलाफ फाइनल में जगह बनाई। चंडीगढ़ ने एक गोल से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए गुरतेज सिंह भट्टी (दो गोल) और उन्नतवीर सिंह के गोलों से लगातार तीन गोल दागकर यादगार जीत दर्ज की। इससे पहले, चंडीगढ़ की महिला टीम ने हिमाचल प्रदेश को अतिरिक्त समय में 4-3 से हराकर आइस हॉकी में कांस्य पदक जीता।
एनडीएस स्टेडियम में महिलाओं की 2000 मीटर शॉर्ट-ट्रैक रिले जीतने के साथ ही मेजबान लद्दाख पदक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। लद्दाख की चौकड़ी स्कारमा त्सुल्तिम, शबाना ज़ारा, तस्निया शमीम और इंशा फातिमा कर्नाटक और महाराष्ट्र की टीमों पर भारी पड़ीं, जो फाइनल में पहुंचने वाली अन्य दो टीमें थीं। कई गिरावटों और टकरावों से भरी इस रेस में लद्दाख की स्केटर्स भी गिरीं, लेकिन उन्होंने दमदार वापसी करते हुए स्वर्ण अपने नाम किया।
हरियाणा के लिए दिन के सितारे रहे सचिन सिंह। उन्होंने पहले पुरुषों की 500 मीटर शॉर्ट-ट्रैक स्प्रिंट में स्वर्ण जीता और फिर 3000 मीटर शॉर्ट-ट्रैक रिले में अपनी टीम को स्वर्ण पदक दिलाया। इस तरह सचिन खेलो इंडिया विंटर गेम्स में दो स्वर्ण जीतने वाले पहले स्केटर बने।
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