बुलंदशहर , अप्रैल 08 -- उत्तर प्रदेश शासन की ओर से संचालित जनसुनवाई समन्वय शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के तहत माह मार्च 2026 की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट में मेरठ परिक्षेत्र ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी चारों जनपद मेरठ, बुलंदशहर, बागपत एवं हापुड़ ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।

मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि आईजीआरएस, जनसुनवाई तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का शासन की मंशानुरूप समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसके कारण मार्च 2026 की मूल्यांकन रिपोर्ट में मेरठ परिक्षेत्र एवं इसके सभी जनपदों को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।

उन्होंने बताया कि गत माह परिक्षेत्र के सभी जनपदों की आईजीआरएस कार्यप्रणाली की समीक्षा कर जनपद प्रभारियों को प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए थे, जिसके फलस्वरूप सभी जनपदों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में शीर्ष रैंक प्राप्त की।

डीआईजी ने परिक्षेत्र के समस्त जनपद प्रभारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस प्रणाली से प्राप्त शिकायतों का उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका विधिक समाधान किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों की जांच संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर करें तथा केवल फोन या थाने पर बैठकर रिपोर्ट न भेजी जाए। जांच आख्या अपलोड करने से पूर्व थाना प्रभारी द्वारा फीडबैक अवश्य लिया जाए। इसके अलावा थानों पर शिकायत एवं फीडबैक से संबंधित रजिस्टर अद्यतन रखे जाएं तथा प्रत्येक 15 दिवस में नोडल अधिकारी द्वारा समीक्षा की जाए।

डीआईजी ने कहा कि जांच आख्या में घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति (लैटिट्यूड एवं लॉन्गिट्यूड) का उल्लेख किया जाए। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चारों जनपदों की सराहना करते हुए कहा कि जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने से जनता को त्वरित न्याय मिलता है तथा पुलिस के प्रति शिकायतों में भी कमी आती है।

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