अगरतला , जनवरी 10 -- त्रिपुरा में एक प्रशासनिक अधिकारी के कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ वकीलों ने अदालती कार्यवाही के बहिष्कार की घोषणा की है।

त्रिपुरा के सबरूम कस्बे की बार एसोसिएशन ने शनिवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करती है, तो 12 जनवरी से एसडीएम अदालत में सभी मामलों की सुनवाई और दस्तावेजों के काम का बहिष्कार किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि यह विवाद एसडीएम अभिजीत सिंह यादव और एक वरिष्ठ अधिवक्ता रतन नाथ के बीच हुई तीखी बहस के बाद शुरू हुआ। सबरूम बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रतन नाथ ने आरोप लगाया है कि सात जनवरी को एक सुनवाई के दौरान एसडीएम ने उनके लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें सीधे तौर पर धमकी दी। अधिवक्ता ने इस संबंध में सबरूम पुलिस स्टेशन के साथ-साथ दक्षिण त्रिपुरा के जिलाधिकारी और मुख्य सचिव के पास भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

दूसरी ओर, एसडीएम अभिजीत सिंह यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने अधिवक्ता पर ही अनुचित आचरण का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने केवल वकील से अस्थायी अदालत कक्ष में भीड़ न लगाने और अपना मामला आने पर निर्धारित स्थान पर बैठने का अनुरोध किया था। अधिकारी का दावा है कि इस साधारण अनुरोध पर अधिवक्ता आक्रामक हो गए और उन्होंने घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर अपने सहयोगियों को गुमराह किया जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।

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