नयी दिल्ली , जनवरी 19 -- भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईआरएफसी) ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में 10.52 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,802.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दिखाया है।कंपनी ने सोमवार को तिमाही रिपोर्ट में कहा कि यह उसका अब तक का कर पश्चात उच्चतम तिमाही लाभ है।

कंपनी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उच्च मार्जिन वाले विविध ऋणों के कारण शुद्ध ब्याज मार्जिन में वार्षिक आधार पर 8 प्रतिशत से अधिक का सुधार हुआ।

कंपनी ने 60,000 करोड़ रुपये की ऋण स्वीकृति के वार्षिक लक्ष्य को नौ महीनों के भीतर, निर्धारित समय से पहले हासिल कर लिया गया।

कंपनी का लक्ष्य इस वर्ष 30,000 करोड़ रुपये के ऋण वितरण करना है और तीसरी तिमाही तक वार्षिक लक्ष्य का लगभग 75 प्रतिशत से अधिक का वितरण हो चुका है।

तीसरी तिमाही में भारतीय रेलवे से कोई नया कारोबार न होने के बावजूद, कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति बकाया (बकाया कर्ज़) सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच कर 4.75 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर है पर।

कंपनी का शून्य एनपीए (अवरुद्ध ऋण) का रिकॉर्ड बरकरार है। लगातार पांचवीं बार इसे लोक उपक्रम विभाग की ओर से"उत्कृष्ट" रेटिंग मिली है।

कंपनी ने कहा है कि उसकी ओर से इस तिमाही में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया के विश्व बैंक ऋण के 9,821 करोड़ रुपए का पुनर्वित्त भी किया गया, जिससे विदेशी मुद्रा जोखिम को रुपये के वित्तपोषण से प्रतिस्थापित किया गया और बड़े रेलवे-संबंधित अवसंरचना परियोजनाओं के लिए एक ऐसा पुनर्वित्त मॉडल तैयार हुआ जिसकी क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

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