वाराणसी , जनवरी 13 -- कृषि नवाचार और ग्रामीण विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू) और फाउंडेशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (एफएएआरडी फाउंडेशन) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस एमओयू पर एफएएआरडी फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. पंजाब सिंह तथा आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता आगामी पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इसका उद्देश्य अत्याधुनिक अनुसंधान, डिजिटल तकनीक और जमीनी क्रियान्वयन को एकीकृत करके किसानों, ग्रामीण युवाओं तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को लाभान्वित करना है।
इस रणनीतिक साझेदारी के तहत दोनों संस्थान मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश को कृषि नवाचार के 'लाइटहाउस क्षेत्र' के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करेंगे। इसमें आईआईटी (बीएचयू) की तकनीकी विशेषज्ञता और एफएएआरडी फाउंडेशन के व्यापक ग्रामीण नेटवर्क का समन्वय किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी (बीएचयू) ने कहा कि यह समझौता संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत शोध को जमीनी स्तर पर प्रभावी समाधान में बदलकर किसानों को तकनीक-आधारित सशक्तिकरण प्रदान किया जाएगा।
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