नयी दिल्ली , मार्च 11 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में बुधवार को "नेशनल समावेश 2026" कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देश के अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम का आयोजन आई-स्टेम, दिल्ली विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर और आईआईटी दिल्ली के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सहयोग से किया गया। इसमें 14 मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ शोधकर्ता, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, उद्यमी और नीति निर्माता शामिल हुए। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय की वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
डॉ. मैनी ने अपने संबोधन में कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए उन्नत परीक्षण और विश्लेषणात्मक सुविधाओं तक पहुंच बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अनुसंधान अवसंरचना को साझा करने में आई-स्टेम मंच की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि इससे शोध संस्थानों, स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को लाभ मिल रहा है।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि उच्च स्तरीय वैज्ञानिक उपकरणों तक साझा पहुंच के लिए एकीकृत राष्ट्रीय तंत्र की आवश्यकता है, जिससे अनुसंधान और नवाचार को गति मिल सके।
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