गुजरात आईआईएमए दीक्षांतअहमदाबाद , जनवरी 28 -- भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद (आईआईएमए) में आयोजित एक कार्यक्रम में बुधवार को 41 छात्रों को उन्नत व्यवसाय विश्लेषिकी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (ईपीजीडी-एबीए) प्रदान किया गया।

रिलायंस जियो के मुख्य कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) वैज्ञानिक डॉ. गौरव अग्रवाल मुख्य अतिथि के तौर पर इस समारोह में उपस्थित हुए। आईआईएमए के निदेशक प्रोफेसर भारत भास्कर ने उत्तीर्ण छात्रों को डिप्लोमा प्रदान किए।

गौरतलब है कि आईआईएमए द्वारा पेश किया गया ईपीजीडी-एबीए, 16 महीने का डिप्लोमा पाठ्यक्रम है, जिसे खास तौर पर कार्यरत व्यवसायियों को डेटा विश्लेषण करने और जरूरी जानकारी निकालने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि वे असरदार प्रबंधकीय और व्यवसाय निर्णय ले सकें। यह पाठ्यक्रम मिश्रित मोड में पेश किया जाता है, जिसमें विश्लेषिकी उपकरण, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और डोमेन एप्लीकेशन के कोर्स शामिल हैं।

ईपीजीडी-एबीए 2024-25 बैच में अलग-अलग व्यावसायिक पृष्ठभूमि और डोमेन के प्रतिभागी जैसे परामर्श खुदरा/ई-कॉमर्स; विज्ञापन, टेलीकॉम, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ एवं बीमा, एफ़एमसीजी, आईटी और विनिर्माण और अन्य शामिल हैं। स्नातक हो रहे छात्र अब आईआईएमए के प्रतिष्ठित पूर्वछात्र समूह का हिस्सा बनेंगे।

श्री अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश के एक छोटे शहर से रिलायंस जियो में एआई प्रमुख बनने तक के अपने सफर के बारे में बताया। उन्होंने "हेडलाइट्स फिलॉसफी" के बारे में बताया और समझाया कि जब किसी के लंबे करियर की दिशा के बारे में जानकारी कम हो जाती है, तो कोई भी तुरंत उठाए जाने वाले कदम पर ध्यान केंद्रित करके आगे बढ़ते हुए काफ़ी तरक्की कर सकता है, जिससे समय के साथ सफलता मिलती है। अनिश्चित भविष्य का सामना करने के लिए तीन मुख्य सिद्धांतों के बारे में बताते हुए, उन्होंने सबसे पहले स्नातकों को सलाह दी कि वे बहुत ज्यादा भविष्यवाणी करने से बचें और इसके बजाय तेजी से बदलती दुनिया में फुर्ती और बदलाव के लिए तैयार रहने पर ध्यान दें। दूसरा, उन्होंने अपने काम पर ध्यान देने के महत्व पर ज़ोर दिया और अलग-अलग क्षेत्रों के स्नातकों को अपने काम में गहराई से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। आखिर में उन्होंने उनसे कहा कि वे अपनी यात्रा में अनिश्चितता को अपनाएं और भविष्य की अस्पष्टता को अपने वर्तमान के फायदे को कमजोर न करने दें।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित