रायपुर , अक्टूबर 31 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ मुख्यमंत्री निवास परिसर में आंवला वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने आंवला वृक्ष पर दीप प्रज्वलित कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की मंगलकामना की।
धूप-दीप और मंत्रोच्चार के बीच हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में पारंपरिक आस्था की झलक देखने को मिली। पूजा के बाद मुख्यमंत्री दंपति ने आंवला वृक्ष की परिक्रमा कर प्रसाद ग्रहण किया और पूजा स्थल पर मौजूद जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को आंवला फल का प्रसाद वितरित किया।
श्री साय ने इस अवसर पर कहा,"भारतीय परंपरा में आंवला वृक्ष को दिव्य और औषधीय गुणों से युक्त माना गया है। आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, धन, आरोग्य और समृद्धि का प्रतीक पर्व है।"उन्होंने कहा कि यह मान्यता है कि आंवला वृक्ष के नीचे भोजन करने और आंवला फल का सेवन करने से शरीर को रोगों से मुक्ति मिलती है और मन को शांति प्राप्त होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी नागरिक औषधीय पौधों और वृक्षों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहें, क्योंकि प्रकृति ही हमारी संस्कृति का आधार है।
उन्होंने यह भी कहा, "वृक्ष हमारे जीवन के पोषक हैं। उन्हें पूजना ही नहीं, बल्कि उनकी रक्षा और संवर्धन करना भी हमारा नैतिक और सामूहिक दायित्व है।"आंवला नवमी के इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धा, भक्ति और प्रकृति के प्रति सम्मान का सुंदर संगम देखने को मिला। उपस्थित जनों ने भी मुख्यमंत्री के साथ प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया और इस पारंपरिक पर्व को आत्मिक श्रद्धा के साथ मनाया।
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