विजयवाड़ा , मार्च 04 -- आंध्र प्रदेश के पहाड़ी मंदिर तिरुमाला के लड्डू प्रसाद बनाने में मिलावटी घी की आपूर्ति पर बहस के दौरान बुधवार को आंध्र प्रदेश विधान परिषद में हंगामा हुआ जिसके कारण अध्यक्ष को सदन स्थगित करना पड़ा।

मिलावटी घी के मुद्दे पर बोलते हुए, वाईएसआरसीपी एमएलसी पी चंद्रशेखर रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर आरोप लगाए, जिस पर मंत्रियों सहित सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने आपत्ति जताई।

मंत्रियों और एमएलसी ने वाईएसआरसीपी के आरोपों पर पलटवार किया और स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के परिवार के स्वामित्व वाली हेरिटेज डेयरी का पहाड़ी मंदिर तिरुमाला को मिलावटी घी की आपूर्ति से कोई लेना-देना नहीं है।

कृषि मंत्री के. अचन्नाइडु ने तिरुमाला मंदिर में मिलावटी घी की आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए पूर्व वाईएसआरसीपी सरकार की कड़ी आलोचना की जिससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई थीं। उन्होंने कहा कि विधान परिषद अध्यक्ष मोहन राजू और वाईएसआरसीपी अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ईसाई हैं और जगन रेड्डी भगवान वेंकटेश्वर में विश्वास नहीं रखते।

परिषद के अध्यक्ष मोशन राजू ने तुरंत स्पष्ट किया कि वे ईसाई नहीं हैं और कृषि मंत्री से अपनी टिप्पणी वापस लेने और माफी मांगने की मांग की। मंत्री ने अपनी टिप्पणी वापस ले ली और अध्यक्ष से माफी मांगी।

इसके बाद वाईएसआरसीपी सदस्यों ने मंच पर धरना दिया और कृषि मंत्री के उस बयान के खिलाफ नारे लगाए जिसमें उन्होंने जगन मोहन रेड्डी को ईसाई कहा था, जिसके चलते परिषद के अध्यक्ष को सदन स्थगित करना पड़ा।

मंत्री नारा लोकेश ने वाईएसआरसीपी सदस्यों द्वारा हेरिटेज डेयरी को इस मामले में घसीटने के निराधार आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई। टीडीपी एमएलसी पंचुमर्ती अनुराधा ने अफसोस जताया कि वाईएसआरसीपी शासनकाल के दौरान मिलावटी घी की आपूर्ति से तिरुमाला लड्डू प्रसादम की 300 साल पुरानी प्रतिष्ठा धूमिल हो गई।

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