पडेरू , नवंबर 18 -- आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाट के घने जंगल क्षेत्र में स्थित मारेडुमिली गाँव में एक भीषण मुठभेड़ में कुख्यात माडवी हिडमा उर्फ संतोष सहित छह माओवादी मारे गए हैं।
हिडमा पर एक करोड़ रुपये का नकद इनाम था और वह पुलिसकर्मियों और राजनीतिक नेताओं की हत्या सहित कई बड़े अपराधों के लिए कुख्यात था। स्वयंभू लिबरेशन गुरिल्ला कमांडर के रूप में सक्रिय हिडमा पिछले 25 वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
आंध्रप्रदेश अतिरिक्त महानिदेशक (खुफिया)( एडीजी) महेश चंद्र लड्डा ने मीडिया को बताया कि 'मोस्ट वांटेड' माओवादी हिडमा, उसकी पत्नी मदकम राजी उर्फ राजक्का, चेल्लूरी नारायण उर्फ सुरेश, टेक शंकर, मल्ला और देवे मारे गए। उनके शवों को रामपचोदवरम के सरकारी सामान्य अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। हिडमा माओवादियों की केंद्रीय समिति का सदस्य था, जबकि उसकी पत्नी राजक्का संभाग समिति की सदस्य थी।
श्री लड्डा ने बताया कि ग्रेहाउंड और ऑक्टोपॉस आतंकवाद-रोधी दस्ते ने एक खुफिया सूचना पर आंध्र प्रदेश-ओडिशा सीमा क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान चलाया, जहां माओवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई।पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से दो एके-47 राइफलें, एक पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, एक सिंगल बोर बंदूक, 1,525 इलेक्ट्रिकल डेटोनेटर, 150 नॉन-इलेक्ट्रिकल डेटोनेटर, एक इलेक्ट्रिकल वायर बंडल, एक कैमरा फ्लैश लाइट, 25 मीटर फ्यूज वायर और सात किट बैग जब्त किए।
उल्लेखनीय है कि हिडमा ने सुरक्षा बलों के खिलाफ 26 बड़े हमलों की योजना बनाई और उन्हें सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार, उसने स्वचालित हथियारों और विस्फोटकों के इस्तेमाल में विशेषज्ञता हासिल थी। वह 350 से ज़्यादा प्रशिक्षित माओवादियों वाली एक बटालियन का नेतृत्व करता था और उसने ऐसे हमलों का नेतृत्व किया जिनमें 200 से ज़्यादा पुलिसकर्मी मारे गए।
हिडमा के नेतृत्व वाले माओवादियों ने 2010 में छत्तीसगढ़ में एक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) कैंप पर हमला किया और 76 सीआरपीएफ जवानों को मार डाला। उसने 2013 में एक माओवादी दल का नेतृत्व किया और एक सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया जिसमें राज्य के 27 जवान और कांग्रेस नेता मारे गए। उसने 2021 में छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर में सुरक्षा बलों पर अचानक हमला किया जिसमें 22 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए।
हिडमा ने सातवीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ दी थी और 17 साल की उम्र में माओवादी समूह में शामिल हो गया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित