विजयवाड़ा , जनवरी 26 -- आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद पहली बार राजधानी अमरावती में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया। सोमवार को राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर ने अमरावती में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया गया।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राजधानी अमरावती का पुनर्निर्माण नए जोश और दृढ़ संकल्प के साथ किया जा रहा है तथा प्रमुख परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रबंध सुनिश्चित कर लिए गए हैं।
उन्होंने कहा, "आज का समारोह ऐतिहासिक है। यह पहला अवसर है जब राजधानी अमरावती में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है। कई वर्षों तक हमारा राज्य स्पष्ट दिशा के अभाव में रहा, राजधानी परियोजना ठप पड़ी रही और आर्थिक विश्वास डगमगाया।"राज्यपाल ने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद सरकार ने शांत लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ एक-एक कदम आगे बढ़ते हुए स्थिरता बहाल की और विश्वास को फिर से मजबूत किया। उन्होंने कहा, "हर पहल, हर सुधार और हर समीक्षा का उद्देश्य विकास को पुनर्जीवित करना और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना रहा है।"राज्यपाल ने बताया कि बड़े निवेशों से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "10 लाख करोड़ रुपये की ग्रीन हाइड्रोजन वैली परियोजना से 7.5 लाख रोजगार सृजित होंगे, जबकि 4.18 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 75 नई औद्योगिक परियोजनाओं से 3.18 लाख और नौकरियां मिलेंगी।"उन्होंने यह भी घोषणा की कि अमरावती क्वांटम वैली जल्द स्थापित की जाएगी, जहां भारत का पहला क्वांटम कंप्यूटर लगाया जाएगा और अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग के लिए 200 विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
जल संसाधन प्रबंधन पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि आंध्र प्रदेश केवल उसी जल का उपयोग करता है जो समुद्र में जाकर बेकार हो जाता, जिससे पड़ोसी राज्यों को कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि हंड्री नीवा (एचएनएसएस) परियोजना का प्रथम चरण लगभग पूरा हो चुका है, जिससे मुख्य नहर की क्षमता बढ़कर 3,024 क्यूसेक हो जाएगी और रायलसीमा क्षेत्र को लाभ मिलेगा। इससे 106.54 लाख एकड़ सिंचाई क्षमता सृजित होगी।
राज्यपाल ने कहा कि राजधानी से इतर विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र को वर्ष 2047 तक 750-800 अरब डॉलर के आर्थिक इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विशाखापत्तनम मेट्रो (46.23 किमी, 11,498 करोड़ रुपये) और विजयवाड़ा मेट्रो (38.40 किमी, 10,118 करोड़ रुपये) परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इसके साथ ही नागपुर-विजयवाड़ा और खड़गपुर-विशाखापत्तनम-अमरावती जैसे नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय संपर्क को तेज़ी से मजबूत करेंगे।
उन्होंने कहा कि रामायापटनम, मछलीपट्टनम, मुलापेटा और काकीनाडा गेटवे में ग्रीनफील्ड बंदरगाह विकसित किए जा रहे हैं, जिनका लक्ष्य 1,053 किमी लंबे समुद्री तट पर हर 50 किमी पर एक बंदरगाह स्थापित करना है। भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि राज्य में नौ नए हवाई अड्डे प्रस्तावित हैं।
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