गुंटूर , जनवरी 05 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पानी बंटवारे सहित कई मुद्दों को सुलझाने के लिए अपने राज्य और तेलंगाना के बीच तालमेल की जरूरत पर जोर दिया है।

श्री नायडू ने आज यहां विश्व तेलुगु सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि उनकी सरकार ने तेलंगाना में कालेश्वरम परियोजना के निर्माण पर कभी आपत्ति नहीं जताई थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने तेलंगाना को 20 टीएमसी पानी देने और भीमा लिफ्ट सिंचाई परियोजना को पूरा करने के लिए प्रयास किया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेलुगु भाषा की रक्षा की जानी चाहिए और सभी से अपनी मातृभाषा तेलुगु में बोलने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, "तेलुगु भाषा को एक प्राचीन भाषा के रूप में मान्यता मिली है और हिंदी, बंगाली और मराठी के बाद तेलुगु बोलने वाले लोग सबसे अधिक हैं।" उन्होंने कहा कि लगभग 10 करोड़ लोग तेलुगु बोलते हैं। उन्होंने अपनी मातृभाषा की रक्षा करते हुए दूसरों की भाषा का भी सम्मान करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कार्यक्रम आयोजित करने और सभी तेलुगु भाषा विशेषज्ञों को एक साथ लाने के लिए आंध्र सारस्वत परिषद के प्रयासों की सराहना की।

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