विजयवाड़ा , मार्च 23 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रसोई गैस की कमी के मद्देनजर अधिकारियों को इसके विकल्पों की तलाश करने, इंडक्शन स्टोव के उपयोग को बढ़ावा देने और श्रीकाकुलम-काकीनाडा गैस पाइपलाइन को पुनर्जीवित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां उंदावल्ली स्थित कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और एलपीजी आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों के उपयोग को बढ़ाने के लिए कदम उठाने को कहा। उन्होंने राज्य के हर घर में पीएनजी उपलब्ध कराने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में 2.34 लाख पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं, हालांकि अब तक केवल 60,000 कनेक्शन ही आवंटित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि सभी पीएनजी कनेक्शन उपभोक्ताओं को दिये जाएं और हर जिले में कम से कम 10,000 पीएनजी कनेक्शन होने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि श्रीकाकुलम-काकीनाडा पाइपलाइन को फिर से शुरू करने के लिए केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा जाना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिया कि अगली राज्य कैबिनेट बैठक से पहले 'वाणिज्यिक क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के प्रोत्साहन' पर एक नीति तैयार की जाये। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से 'इंडक्शन स्टोव' और 'इलेक्ट्रिक कुकर' के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि रसोई गैस संकट ने बिजली क्षेत्र के लिए अवसर पैदा किया है और अधिकारियों को इस अवसर का उचित उपयोग करना चाहिए।

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