अहमदाबाद , फरवरी 25 -- गुजरात में अहमदाबाद, कलोल एवं विरमगाम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण के गुप्त अवतार के प्राकट्य महोत्सव, श्री चैतन्य महोत्सव और फूलों की होली का भव्य आयोजन विभिन्न हरे कृष्ण केंद्रों द्वारा पावन अवसर श्री गौर पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 26 फरवरी से एक मार्च तक किया जाएगा।

इस्कॉन हरे कृष्ण मंदिर, भाड़ज के प्रमुख जगनमोहन कृष्ण दास ने बुधवार को यहां बताया कि 26 फरवरी को बकराना गांव, विरमगाम, 28 फरवरी को सुराणी फार्म, साणंद सायं छह बजे से, वासवा गांव, विरमगाम सायं चार बजे बजे से, एक मार्च को झोलापुर गांव, विरमगाम प्रातः दस बजे से, अंकित विद्यालय, कलोल प्रातः दस बजे से, सौराष्ट्र पटेल समाज हॉल, मणिनगर सायं छह बजे से और मंगल पांडे पार्टी प्लॉट, निकोल सायं छह बजे से हरिकथा और फूलों की होली आयोजित की जाएगी।

इस दौरान मुख्य आकर्षण पालकी उत्सव, भगवान की भव्य शोभायात्रा, दिव्य महाभिषेक, पंचामृत एवं विभिन्न फलों के रस से वैदिक मंत्रों सहित अभिषेक, हरिनाम संकीर्तन, सामूहिक कीर्तन से आध्यात्मिक वातावरण, महाआरती, दीप प्रज्ज्वलन के साथ भव्य आरती, हरिकथा, प्रेरणादायक आध्यात्मिक प्रवचन, फूलों की होली, सुगंधित पुष्पवर्षा के साथ आनंदमय भक्ति उत्सव और सभी के लिए सुस्वादु प्रसाद वितरण होगा।

इस वर्ष पहली बार इस्कॉन हरे कृष्ण मंदिर भाड़ज से सम्बंधित विविध हरे कृष्ण केंद्रों द्वारा इन क्षेत्रों में भव्य स्तर पर यह महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य हरिनाम संकीर्तन एवं प्रसाद वितरण के माध्यम से समाज का आध्यात्मिक उत्थान करना है।

उल्लेखनीय है कि श्री चैतन्य महाप्रभु भगवान श्रीकृष्ण के स्वर्ण अवतार माने जाते हैं, जिन्होंने लगभग 500 वर्ष पूर्व पश्चिम बंगाल के श्रीधाम मायापुर में अवतार लिया। उन्होंने कलियुग के युगधर्म के रूप में हरिनाम संकीर्तन का प्रचार किया। 1486 ईस्वी में जगन्नाथ मिश्र और साचीदेवी के पुत्र रूप में प्रकट होकर उन्होंने प्रेम, भक्ति और एकता का संदेश दिया। उनका प्राकट्य दिवस श्री गौर पूर्णिमा के रूप में विश्वभर में मनाया जाता है।

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