अहमदाबाद , दिसंबर 08 -- गुजरात के अहमदाबाद स्थित शिवानंद आश्रम में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025, सॉफ्टवेयर एडिशन ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन समारोह सोमवार को आयोजित किया गया, जिसमें पूरे देश से आए युवा नवोन्मेषकर्ताओं द्वारा 36 घंटे की निरंतर नवाचार, कोडिंग और समस्या समाधान की यात्रा की शुरुआत हुई।
गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (जीटीयू) की कुलपति डॉ. राजुल गज्जर ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह वर्ष एसआईएच के आठवें संस्करण का प्रतीक है। एक राष्ट्रीय पहल जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की नवाचार क्षमता को मजबूत करने और विकसित भारतएट2047 की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा कि एसआईएच 2025 के लिए संस्थागत स्तर पर 1300 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 55 टीमों का चयन जीटीयू नोडल केंद्र के ग्रैंड फिनाले के लिए किया गया। इन टीमों में 18 राज्यों से आए 330 छात्र और 28 मेंटर शामिल हैं, जो अगले 36 घंटे तक एसएसी-इसरो (आईएसआरओ) सहित राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा प्रदान किए गए 11 उन्नत सॉफ्टवेयर समस्या कथनों पर कार्य करेंगे। 36 घंटे का यह ग्रैंड फिनाले अब प्रारंभ हो चुका है, जो भारत की नवाचार यात्रा का एक और महत्वपूर्ण अध्याय बनेगा।
डॉ. गज्जर ने कहा कि अहमदाबाद नोडल केंद्र पर दिए गए समस्या कथन चंद्रमा पर रोबोटिक नेविगेशन, मल्टीमॉडल एआई, क्वांटम- सुरक्षित संचार, सैटेलाइट क्लॉक और साइबर सुरक्षा, वास्तविक समय पारिस्थितिक विश्लेषण तथा पर्यावरण पूर्वानुमान जैसी भविष्यवादी तकनीकों को कवर करते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित