भोपाल , दिसंबर 15 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एनआरआई नर्सिंग कॉलेज एवं अरनव अस्पताल की कूटरचित एवं फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट बनाए जाने के गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) भोपाल ने निरीक्षण में लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत तथा यू.पी.एच.सी. सांई बाबा नगर में पदस्थ डॉ. अभिषेक सेन को नोटिस जारी कर निरीक्षण रिपोर्ट में की गई गंभीर त्रुटियों और तथ्यों को लेकर तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया है। नोटिस में आरोप है कि निरीक्षण के दौरान अस्पताल की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया और भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर शासन-प्रशासन को गुमराह किया गया।

मामले को लेकर गुरुवार को एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सीएमएचओ कार्यालय का घेराव किया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एनएसयूआई का आरोप है कि अरनव अस्पताल की निरीक्षण रिपोर्ट जानबूझकर कूटरचित तैयार की गई है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने दोषी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई की मांग की।

जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो स्वास्थ्य व्यवस्था में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा असर मरीजों और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, संगठन इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि नर्सिंग कॉलेजों और अस्पतालों की फर्जी फैकल्टी और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित