आइजोल , फरवरी 11 -- मिजोरम सरकार ने असम राइफल्स द्वारा खाली की गयी जमीन पर विरासत संरक्षण, धार्मिक स्थानांतरण और अवसंरचना विस्तार को मिलाकर अपनी राजधानी आइजोल के शहरी परिदृश्य को नया रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने बुधवार को आइजोल में भीड़भाड़ कम करने के लिए शहर के केंद्र में स्थित एक हिंदू मंदिर को स्थानांतरित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री लालदुहोमा की अध्यक्षता में असम राइफल्स द्वारा खाली की गयी भूमि पर सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें यह निर्णय लिया गया कि वर्तमान में शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक में स्थित 'हरि मंदिर' को स्थानांतरित करने के लिए ऐतिहासिक 'लोच हाउस' के पास एक भूखंड आवंटित किया जायेगा। इस कदम का उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों की निरंतरता सुनिश्चित करते हुए शहर के केंद्र को भीड़भाड़ से मुक्त करना है।
साथ ही समिति ने आइजोल की सबसे पुरानी औपनिवेशिक काल की संरचनाओं में से एक 'लोच हाउस' के मूल वास्तुशिल्प चरित्र को सुरक्षित रखते हुए इसके नवीनीकरण और संरक्षण का संकल्प लिया। 1890 में असम राइफल्स बटालियन के कमांडेंट के आधिकारिक निवास के रूप में लेफ्टिनेंट कर्नल जी एच लोच के नेतृत्व में निर्मित यह इमारत मिजोरम की राजधानी में एक प्रमुख ऐतिहासिक विरासत मानी जाती है।
बैठक में असम राइफल्स की अतिरिक्त भूमि के रणनीतिक उपयोग के लिए राज्य सरकार की व्यापक योजनाओं पर भी चर्चा की गयी। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने समिति को सूचित किया कि सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय और आधिकारिक निवास के निर्माण के लिए राज्य सचिवालय के पास स्थित असम राइफल्स के '23 सेक्टर' क्षेत्र के नीचे की अतिरिक्त भूमि के हस्तांतरण की बार-बार मांग की है। उन्होंने बताया कि 2 फरवरी को असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा के साथ हुई बैठक के दौरान महानिदेशक ने संकेत दिया था कि यह भूमि राज्य सरकार को सौंपी जा सकती है।
पुनर्विकास योजना को और अधिक गति देते हुए समिति को सूचित किया गया है कि असम राइफल्स की खाली की गयी भूमि के हिस्सों पर सड़कों को चौड़ा करने और सुधारने के लिए वित्तीय मंजूरी मिल गयी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) ने इन परियोजनाओं को शुरू करने के लिए प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है, जिससे इस तेजी से बढ़ते पहाड़ी शहर में यातायात के प्रवाह और यातायात में काफी सुधार होने की उम्मीद है।
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