नयी दिल्ली , नवंबर 17 -- चुनाव आयोग ने नागरिकता के संबंध में विशिष्ट प्रावधानों वाले सीमावर्ती राज्य असम की मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (एसआर) मंगलवार से कराने की घोषणा की है जिसमें आगामी पहली जनवरी तक मतदाता बनने की अर्हता वालों के नाम शामिल किये जा सकते हैं।

असम में एसआर की घोषणा ऐसे समय की गयी है जबकि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम सितंबर में पूरा किया गया था और उसके बाद इस समय 12 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों - अंडमान निकोबार, चंडीगढ़, गोवा, गुजरात, केरल , लक्ष्यद्वीप, मध्य प्रदेश, पांडिचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु , उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों के एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है।

आयोग ने सोमवार को स्पष्ट किया है कि असम में नागरिकता संबंधी कुछ विशिष्ट प्रावधानों और इस समय नागरिकता सत्यापन के लिए चल रही प्रक्रियाओं को देखते हुए वहां एसआईआर की जगह केवल विशेष पुनरीक्षण (एसआर) कराया जा रहा है। इसमें बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं के सत्यापन और उनके बारे में आवश्यक संशोधन के लिए एक पुस्तिका के साथ घर घर जाएंगे।

असम की सूची के पुनरीक्षण के बारे में जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि, ' चुनाव आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के अंतर्गत असम में अर्हता तिथि 01.01.2026 के संबंध में 18.11.2025 से शुरू होने वाले विशेष पुनरीक्षण का आदेश दिया है।'असम राज्य में नागरिकता के लिए विशेष प्रावधान हैं और वहां नागरिकता का सत्यापन उच्चतम न्यायालय की देखरेख में पहले से किया जा रहा है। वहां नागरिकता सत्यापन का काम अंतिम चरण में बताया जा रहा है। इसलिए, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के स्थान पर विशेष पुनरीक्षण (एसआर) का आदेश दिया जा रहा है।

आयोग के एक अधिकारी ने कहा, ' कुछ विशिष्ट कारणों से असम में इस समय सूचियों एसआईआर की जगह एसआर कराया जा रहा है जो एक प्रकार से विशेष सरसरी समीक्षा (एसएसआर) जैसी होगी। इसमें एसआईआर की तरह से मतदाता गणना फार्म नहीं भरवाये जाएंगे।"आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार असम में 18 से 21 नवंबर तक प्रपत्रों की छपाई और अधिकारियों के प्रशिक्षण आदि का काम होगा। बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) 22 नवंबर से घर-घर वर्तमान सूची में शामिल नामों के बारे में सत्यापन कार्य शुरू करेंगे।

एसआर के तहत मतदाताओं की तस्वीरों में सुधार, मतदान केंद्रों का युक्तिकरण अथवा उनका पुनर्व्यवस्थापन भी किया जाएगा।

इस प्रक्रिया के तहत सूची का मसौदा 27 दिसंबर 2025 को प्रकाशित किया जाएगा। उस पर दावे और आपत्तियाँ 27 दिसंबर से 22 जनवरी दाखिल करायी जा सकेंगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 10 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

घर-घर सत्यापन के दौरान, बीएलओ मतदाताओं के विवरण से युक्त पूर्व-भरे बीएलओ रजिस्टर के साथ मौजूदा मतदाताओं के घर जाएँगे और मतदाताओं से उक्त विवरण सत्यापित करेंगे और उसमें सुधार करेंगे।

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