गुवाहाटी , फरवरी 11 -- असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य की मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान करीब ढाई लाख संदिग्ध मतदाताओं (डी-वोटर्स) के नाम हटा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसका श्रेय भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों को देते हुए कहा कि असम समझौते के बाद राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध नामों को सूची से बाहर किया गया है।
मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि अवैध विदेशियों और बंगलादेशियों के खिलाफ असम की यह लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आगामी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' के बाद और भी संदिग्ध नाम हटाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, मतदाता सूची का यह शुद्धिकरण राज्य की राजनीतिक सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
इसी संदर्भ में असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने अंतिम मतदाता सूची के आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 2,49,58,139 है, जिनमें 1,24,82,213 पुरुष, 1,24,75,583 महिला और 343 मतदाता तीसरे लिंग की श्रेणी में पंजीकृत हैं। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मसौदा सूची से कुल 2,43,485 नाम हटाए गए हैं। सीईओ ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और चुनाव आयोग के नियमों का सख्ती से पालन किया गया है।
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