श्रीगंगानगर , दिसंबर 05 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में कांग्रेस नेता राकेश ठोलिया ने राज्य सरकार द्वारा राज्य वन अधिनियम में अवैध रूप से पेड़ काटने पर सजा के प्रावधान को समाप्त करने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि इससे कॉर्पोरेट कंपनियों को पेड़ों की अवैध कटाई के लिए खुली छूट मिल जाएगी, जो पर्यावरण के लिए घातक साबित होगा।
श्री ठोलिया ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि पूर्व में लागू कानून के तहत कोई व्यक्ति या कंपनी बिना अनुमति के अवैध रूप से पेड़ काटती थी, तो उस पर 100 रुपये का जुर्माना और छह महीने तक की सजा का प्रावधान था, लेकिन राज्य सरकार ने हाल ही में मंत्रिमंडल की बैठक में इस सजा के प्रावधान को पूरी तरह से हटा दिया है। अब केवल जुर्माने को बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। उन्होंने इस फैसले को कॉर्पोरेट कंपनियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास करार देते हुए कहा कि इससे पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि यह कानून मूल रूप से 1956 में बनाया गया था, जब 100 रुपये का जुर्माना एक महत्वपूर्ण राशि मानी जाती थी, लेकिन वर्तमान समय में मुद्रास्फीति और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जुर्माने को बहुत अधिक बढ़ाया जाना चाहिए था। केवल एक हजार रुपये का जुर्माना नाममात्र का है, जो बड़े कॉर्पोरेट घरानों के लिए कोई मायने नहीं रखता। सजा के प्रावधान को हटाने से अवैध पेड़ कटाई में वृद्धि होगी, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ेगा।
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