भीलवाड़ा , नवम्बर 17 -- राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के चांदगढ़ में बनास नदी के किनारे अवैध बजरी खनन रोकने की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा किये जा रहे आंदोलन के 23वें दिन ग्रामीणों ने सोमवार को नदी किनारे महापंचायत आयोजित की। इसमें सेैंकड़ों ग्रामीण महिला पुरुषों ने अवैध खनन को रोकने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

महापंचायत में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता लादूराम गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार की नाकामी अब खुले तौर पर सामने आ चुकी हैं। मेवाड़ में सौ किलोमीटर के दायरे में दो जगह धरने चल रहे हैं और मातृकुंडिया बांध में किसानों की जमीनें पानी में समा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एक महीने से चल रहे आंदोलन के बावजूद सरकार की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। इसके कारण जनता को मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ रहा हैं।

उधर महिलाओं ने भी खुलकर नाराजगी जताई और बनास बचाओ, माफिया भगाओ के नारे लगाए। महापंचायत खत्म होने के बाद सैकड़ों महिलाएं और किसान तख्तियां लेकर चांदगढ़ नदी के ढाबे पहुंचे। कुछ महिलाओं ने बजरी से भरे ट्रैक्टर को रोककर विरोध दर्ज कराया।

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