बलरामपुर-रामानुजगंज, अप्रैल 10 -- छत्तीसगढ़ में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के थाना कोरंधा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुर्रीपानी-खजूरी में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार गत 12 मार्च को मुखबिर की सूचना पर ग्राम तुर्रीपानी-खजूरी में सहादुर नगेशिया और दुईला नगेशिया द्वारा खेत में अवैध अफीम की खेती किए जाने का पता चला था। पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी एवं संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई, जहां दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया था।
पुलिस ने मौके से अफीम के पौधों का जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया, जिसका कुल वजन 1883.76 किलोग्राम और अनुमानित कीमत लगभग दो करोड़ रुपये आंकी गई। दोनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 18 के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
विवेचना के दौरान सामने आया कि इस अवैध खेती के पीछे झारखंड के चतरा जिले का नेटवर्क सक्रिय था। आरोपी भूपेन्द्र उरांव ने अधिक मुनाफे का लालच देकर स्थानीय किसानों से उनके खेतों में अफीम की खेती कराई थी। भूपेन्द्र उरांव को 15 मार्च को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथी राजन यादव को अफीम की बिक्री करने की बात स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने राजन यादव की तलाश शुरू की, जो लगातार अपनी लोकेशन बदलकर बचने का प्रयास कर रहा था। अंततः नौ अप्रैल को उसे ग्राम चाया, थाना कुन्दा, जिला चतरा (झारखंड) से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
गौरतलब है कि इस क्षेत्र में पहले भी बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती पकड़ी जा चुकी है, जिसमें हजारों किलो पौधे और करोड़ों रुपये की फसल नष्ट की गई थी। पूरे मामले में संगठित गिरोह की संलिप्तता की आशंका है और पुलिस द्वारा वित्तीय लेनदेन सहित सभी पहलुओं की जांच जारीहै।
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