आगर-मालवा , मार्च 14 -- मध्यप्रदेश के आगरमालवा जिले में अवमानक दूध के परिवहन और विक्रय के मामले में सक्षम न्यायालय ने संबंधित संचालक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.एल. कुम्भकार ने 25 दिसंबर 2024 को औद्योगिक क्षेत्र आगर-मालवा स्थित एक चिलिंग प्लांट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ग्राम आंखाखेड़ी निवासी भेरूलाल कटबोडिया द्वारा आसपास के क्षेत्रों से अपनी डेयरी के माध्यम से संग्रहित भैंस का दूध वाहन क्रमांक एमपी-13 जीबी-0774 से केनों में भरकर परिवहन किया जा रहा था।
इस दौरान दूध का नमूना जांच के लिए लिया गया। प्रयोगशाला की 15 जनवरी 2025 की रिपोर्ट में दूध में एसएनएफ की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई, जिसके कारण इसे अवमानक घोषित किया गया। इसके बाद संबंधित के विरुद्ध विधिवत अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के बाद न्याय निर्णायक अधिकारी एवं पदेन अपर जिला मजिस्ट्रेट आगरमालवा ने 11 मार्च 2026 को पारित आदेश में वाहन मालिक भेरूलाल कटबोडिया पर एक लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया। आदेश के अनुसार जुर्माना राशि 15 दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा।
निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं होने पर तहसीलदार के माध्यम से भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत वसूली और कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही राशि जमा होने तक संबंधित की खाद्य अनुज्ञप्ति या पंजीयन निलंबित रहेगा।
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