सहारनपुर , नवंबर 19 -- सफेद पोश आतंकी माड्यूल की आतंकी गतिविधियां उजागर होने के बाद फरीदाबाद के अल-फला यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस का तीसरे वर्ष के छात्र अहमद रजा दिल्ली पुलिस की हिरासत में है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम मंगलवार शाम देवबंद से इस छात्र को अपने साथ लेकर गई थी। मोहल्ला पठानपुरा निवासी इस छात्र का पिता अब्बास जैदी यहां भायला रोड़ स्थित असगरिया मदरसे के पास ट्रैक्टर के स्पेयर्स पाट्स की दुकान करते हैं।

उन्होंने आज बताया कि दिल्ली पुलिस उनके बेटे को पूछताछ कहने की बात कहकर अपने साथ ले गई थी। उनके घर की तलाशी में कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। पुलिस ने छात्र के मोबाइल को आते ही अपने कब्जे में ले लिया था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा तीन साल पहले अल-फला यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गया था और अभी हाल ही में वह देवबंद घर पर आया था। उनका लड़का पूरी तरह से निर्दोष है। दिल्ली पुलिस की हिरासत में अहमद रजा को 30 घंटे से ज्यादा का समय हो गया हैं। पुलिस ने उसे अभी तक रिहा नहीं किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच की टीम कल शाम चुपचाप देवबंद आई थी। इसकी भनक यहां की पुलिस को भी नहीं लगी और उनके जाने के कई घंटे बाद लोगों को इस घटना की जानकारी मिली।

दूसरी ओर, पुलिस और जांच एजेंसियां जनपद में रह रहे कश्मीरी छात्रों की तलाश में जुटी है। सहारनपुर की फैमस मेडिकेयर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रबंध निदेशक डा0 मनोज मिश्रा ने आज बताया कि डा0 अदिल मजीद राथर की गिरफ्तारी के बाद जब श्रीनगर की पुलिस यहां जांच-पड़ताल के लिए आई थी तो टीम की अगुवाई कर रहे श्रीनगर-अनंतनाग के डीआईजी जावेद इकबाल मट्टू ने बताया था कि डा0 अदिल मजीद राथर के सहारनपुर के आवास से तलाशी के दौरान जो डायरी और दूसरी सामग्री मिली थी उसमें सहारनपुर और आसपास के इलाकों में रहने वाले कश्मीरी छात्रों और युवकों का ब्योरा दर्ज था।

डीआईजी ने डा0 अदिल के इस अस्पताल के संपर्क में रहने वाले चिकित्सकों जो डा0 अदिल के शादी में शामिल होने गए थे, के मोबाइलों की जांच की तो उसमें कई आतंकियों की मौजूदगी दिखाई दी।

डा0 मनोज मिश्रा ने बताया कि डा0 अदिल अपने चिकित्सकीय काम में बहुत निपुण थे लेकिन वह एकांत पसंद और अलग-थलग रहते थे। वह लोगों से कुछ की सैकंड के लिए लेकिन तपाक से मिलते थे और फिर उनसे अलग हो जाते थे। उन्होंने उसको अपनी ओर रहने के लिए जो आवास मुहैया कराया था उसे उन्होंने ठुकरा दिया था और एक एकांत इलाके में जहां घनी बस्ती नहीं थी और ना ही उधर सीसीटीवी आदि लगे हुए थे। डा0 आदिल ने अलग से रहने के लिए निजी किराए का आवास लिया था।नई परिस्थितियों में सहारनपुर पुलिस दो--तीन नए काम शुरू किए हैं।

एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि एक तो पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। दूसरे जनपद में किराएदारों का वेरीफिकेशन कराया जा रहा है। संदेह है कि नए माड्यूल से जुड़े कुछ लोग इस जनपद में या फिर आसपास के इलाकों में कहीं शरण तो लिए हुए नहीं हैं। देवबंद से अल-फला यूनिवर्सिटी का कनेक्शन पाए जाने से भी यहां की पुलिस और जांच एजेंसियां बेहद ही सतर्क हो गई हैं। देवबंद में भी कई कश्मीरी छात्र विभिन्न मदरसों में शिक्षा प्राप्त करते हैं और कुछ वर्ष पूर्व कश्मीरी आतंकियों की भी यहां से गिरफ्तारी हुई थी।

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