कैनबरा , अप्रैल 08 -- ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के युद्धविराम का स्वागत करते हुए इसे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, लेकिन साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई।
श्री अल्बानीज़ ने आधिकारिक बयान में कहा कि यह अस्थायी युद्धविराम व्यापक समाधान की दिशा में मार्ग प्रशस्त कर सकता है, जबकि लंबे समय तक चलने वाला युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानव जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। "उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ा है, जिससे बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर जलडमरूमध्य में नौवहन बहाल करने और आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास कर रहा है।
श्री अल्बानीज़ ने पाकिस्तान, मिस्र, तुर्किये और सऊदी अरब सहित कई देशों की कूटनीतिक भूमिका की सराहना की, जिन्होंने वार्ता को आगे बढ़ाने और तनाव कम करने में योगदान दिया।
उन्होंने ट्रंप के उस बयान को अनुचित बताया, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने जलडमरूमध्य नहीं खोला तो 'पूरी सभ्यता नष्ट हो सकती है।' अल्बानीज़ ने कहा कि ऐसी भाषा चिंता पैदा करती है और सहयोगी देशों में असहजता बढ़ाती है।
उन्होंने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की।
इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने युद्धविराम की घोषणा करते हुए इसे शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय वार्ता का प्रस्ताव दिया।
अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुश्नर और उप राष्ट्रपति जेडी वैंस के इन वार्ताओं में भाग लेने की संभावना है।
श्री ट्रंप ने भी युद्धविराम को "विश्व शांति के लिए बड़ा दिन" बताया और कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात सामान्य बनाने में मदद करेगा।
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