लखनऊ , नवम्बर 21 -- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि अल्पसंख्यक एवं वामपंथी वर्चस्व वाली ज्यादातर संस्थाएं ही देशविरोधी गतिविधियों की प्रयोगशाला होती हैं। इन पर सख्त निगरानी की दरकार है।
श्री मौर्य ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि देशव्यापी ऐसे संस्थानों के नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन, खातों की नियमित निगरानी की जरूरत है। इसके ज़रिए ही आतंकवाद और देश विरोधी गतिविधियों का फन कुचला जा सकता है।
गौरतलब है कि दिल्ली बम धमाके में यूपी से डॉ परवेज और डॉ शाहीन की गिरफ्तारी के बाद एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) ने मदरसों को लेकर सख्त कदम उठाया है। लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय ने प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजा है। इस पत्र में हर मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों, पढ़ाने वाले मौलवियों और प्रबंधकों की पूरी जानकारी मांगी गई है।
पत्र में हर व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, पूरा पता और मोबाइल नंबर सहित सारी जानकारी जल्द से जल्द भेजने को कहा गया है।
एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ खुफिया इनपुट मिले थे, जिनमें कुछ मदरसों में संदिग्ध गतिविधियों की आशंका जताई गई थी, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि ज्यादातर मदरसे अच्छा काम कर रहे हैं और यह सिर्फ सत्यापन का काम है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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