भिण्ड , जनवरी 9 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा ठप होने से परेशान एक परिवार कल रात मासूम बच्ची के साथ भिण्ड कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गया। परिवार का आरोप है कि जिला अस्पताल में लंबे समय से अल्ट्रासाउंड के लिए स्थायी चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बावजूद उसे संचालित करने के लिए स्थायी डॉक्टर पदस्थ नहीं है। अस्थायी चिकित्सक द्वारा सेवा बंद किए जाने के बाद मरीजों के अल्ट्रासाउंड अटक गए हैं। इसी समस्या से जूझ रहे समाजसेवी वीरेंद्र वर्मा कल रात करीब 8 बजे अपनी पत्नी ऋतु और डेढ़ साल की मासूम बच्ची गुड़िया के साथ ठंडी हवाओं के बीच कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए।

वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी ऋतु को पेट दर्द की शिकायत है और वे पिछले कई दिनों से जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जांच नहीं हो पा रही है। इससे बीमारी की सही जानकारी नहीं मिल पा रही और इलाज भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि वे इस संबंध में दो बार जिला कलेक्टर से मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला।

भिण्ड शहर के संतोष नगर निवासी वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि कल सुबह 10 बजे वे पुनः कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर मजबूरन परिवार के साथ धरने पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब तक जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए स्थायी चिकित्सक की तैनाती को लेकर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिले में मेडिकल कॉलेज की चर्चा हो रही है, लेकिन जिला अस्पताल जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा में भी स्थायी सोनोग्राफी चिकित्सक की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।

धरने की सूचना मिलने पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अखिलेश शर्मा मौके पर पहुंचे और दो दिन के भीतर जिला अस्पताल में डॉक्टर की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम के आश्वासन के बाद देर रात वीरेंद्र वर्मा ने धरना समाप्त कर दिया।

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