अलवर, 09 (वार्ता) राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के मुंडावर उपखंड स्थित ग्राम अलीपुर में करंट लगने से 11 भैंसों की मौत का मामला शुक्रवार को जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में जोर-शोर से उठा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला पार्षद संदीप फौलादपुरिया विरोध के जताते हुए बैठक में प्रतीकात्मक रूप से भैंस लेकर पहुंचे।

श्री फौलादपुरिया ने आरोप लगाया कि ग्राम अलीपुर में हुई इस गंभीर घटना के बाद न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने पीड़ित पशुपालकों की सुध ली। करंट लगने से एक साथ 11 भैंसों की मौत से ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। इससे प्रशासन की संवेदनहीनता सामने आयी है।

उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और ऐसी घटनाओं के बाद त्वरित मुआवजा, जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन अफसोस की बात है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते पीड़ित परिवारों को अब तक कोई राहत नहीं मिली।

उधर, इस मुद्दे को लेकर बैठक में काफी देर तक चर्चा और विरोध देखने को मिला। पार्षदों ने मांग की कि अलीपुर मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई की जाये और पीड़ित पशुपालकों को शीघ्र मुआवजा दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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