अलवर , मार्च 22 -- राजस्थान में अलवर के एक युवा भक्त की इन दिनों चर्चा हो रही है जो 160 किलोमीटर की दंडवत यात्रा के लिए अलवर से रवाना हो चुका है।
एक हजार लोहे के नुकीले कील से बने लकड़ी के फट्टे पर लेट कर नितेश ने अलवर से खाटू श्याम जी की दंडवत यात्रा शुरु की। यह यात्रा डेढ़ महीने में पूरी होगी। इस दौरान उसके साथ उसके दोस्त एवं परिवार के करीब 15 लोग साथ रहेंगे।
नितेश ने बताया कि पांच वर्ष पहले वह बाबा श्याम को नहीं जानता था, लेकिन एक दिन जब वह परेशान हुआ, तो अपने दोस्तों के साथ पैदल रींगस से यात्रा करते हुए निशान लेकर बाबा श्याम के मंदिर में पहुंचा। उसके बाद से बाबा श्याम के प्रति उसकी आस्था बढ़ गई। वह हर महीने ग्यारस के दिन खाटू श्याम बाबा जाता है।
नितेश केटरिंग का काम करता है। पिछले वर्ष नितेश ने 501 लोहे की कील से तैयार पट्टे पर अपनी दंडवत यात्रा अलवर से खाटू श्याम जी की पूरी की थी। तो इस बार उसने एक हजार लोहे की कील से लकड़ी का पट्टा तैयार करवाया है। यह लकड़ी का पट्टा तीन फुट चौड़ा है। जिस पर नितेश लेटकर दंडवत यात्रा कर रहा है।
शुरुआत में जब उसने इस तरह की यात्रा का प्रस्ताव परिवार के सामने रखा तो परिवार ने इसका विरोध किया, लेकिन उसकी जिद के आगे परिवार भी उसके साथ हो गया और अब परिवार के लोग खुद उनके साथ मिलकर इस यात्रा में शामिल होते हैं।
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