अलवर , जनवरी 13 -- सरसों उत्पादन में राजस्थान के सबसे बड़े अलवर जिले में कड़ाके की ठंड के कारण सरसों की फसल को नुकसान होने का संकट मंडरा रहा है।

अलवर में मंगलवार को तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि रबी की फसलों के लिए करीब छह डिग्री सेल्सियस से कम तापमान नहीं होना चाहिए। यहां करीब डेढ़ लाख हेक्टर क्षेत्र में सरसों की बुवाई हुई है। पाला पड़ने से फली वाली सरसों में फली के दानों में पानी पड़ने की आशंका बढ़ गई है। अत्यधिक ठंड से रबी फसलों और सब्जी की फसलों में भारी नुकसान होने की आशंका जताई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्याज की फसल में दामों को लेकर आर्थिक नुकसान झेल चुके किसान अब मौसम की मार से त्रस्त हैं। कृषि विभाग ने सर्दी से बचाव के लिए किसानों को बचाव की कुछ सलाह दी हैं। भी इतना नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन दो-चार दिन यह गलन भरी सर्दी रही तो निश्चित रूप से सरसों की फसल, टमाटर और बैंगन की फसल को भारी नुकसान होगा।

किसानों ने टमाटर की फसल को पाले से बचाने के लिए उनको कपड़ों से ढका है जिससे उस पर पाले का असर न पड़े, लेकिन यह काम सिर्फ कुछ धनी किसान कर सकते हैं। आम किसान के लिए अपनी फसल को बचा पाना बड़ा मुश्किल है । एक किसान जगदीश शर्मा ने बताया कि पाला पड़ने से सरसों की फसल और सब्जी में नुकसान है। सरसों में 50 फ़ीसदी नुकसान होने की आशंका है। सरसों में फूल आ रहे हैं। अगेती सरसों में फली आ रही हैं। उन्हें भी नुकसान शुरू हुआ है । किसान पहले से ही प्याज की फसल के नुकसान से परेशान हैं, अब यह मौसम की मार भी किसानों को परेशान कर देगी। उन्होंने कहा कि अगर सरसों की फसल में खराबा होता है तो सरकार को मुआवजा देना चाहिए।

उमरैण क्षेत्र के किसान बड्डन भड़ाना ने कहा कि पहले प्याज ने रुलाया । अब यह ठंड किसानों को रुलाने का काम कर रही है। तापमान लगातार घटता जा रहा है जिससे सरसों के बीजों में पानी पड़ने की आशंका है। इससे किसान बेमौत मारा जाएगा। उन्होंने बताया कि पाला पड़ने से सरसों में ज्यादा नुकसान हुआ है और गेहूं में नुकसान अभी नहीं है। टमाटर, बैंगन की फसल पर बर्फ अगर जम गई तो निश्चित रूप से यह बहुत ज्यादा नुकसानदायक होगा, क्योंकि यहां की आजीविका सरसों और गेहूं के अलावा यहां की सब्जी भी है । यह सब्जी शुद्ध पानी से तैयार की जाती है और अलवर ही नहीं देश के कई राज्यों में यहां की सब्जियों की आपूर्ति की जाती है जिसमें खासतौर से टमाटर और बैंगन की सब्जी दूर-दूर तक जाती है।

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक पीसी मीणा ने बताया कि ठंड से फसल को नुकसान होने की आशंका है। तीन-चार दिन से जो तापमान में गिरावट हो रही है यह काफी नुकसानदायक हो सकता है । आज का तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। यह सरसों सब्जी की फसल पर असर डालेगा । अलवर में डेढ़ लाख हेक्टर में सरसों की बुवाई है। फिलहाल सरसों में ज्यादा नुकसान देखने को नहीं मिला है। अगर तापमान का गिरना जारी रहा तो निश्चित रूप से नुकसानदायक हो सकता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित