अलवर , फरवरी 20 -- राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाये जा रहे सघन जांच अभियान में कई प्रतिष्ठानों के खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अरविंद गेट ने शुक्रवार को बताया कि पिछले चार महीनों के दौरान जिले में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से लिये गये नमूनों में से करीब 22 प्रतिष्ठानों के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत अमानक पाये गये हैं। इन मामलों में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश द्वारा अब तक संबंधित प्रतिष्ठानों पर करीब 46 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों के खाद्य पदार्थ 'असुरक्षित' एवं 'अमानक' श्रेणी में पाये गये। इनमें भिवाड़ी स्थित गोल्डन ट्यूलिप होटल का पनीर एवं दही, विनोद बिग बाजार भिवाड़ी का सप्तऋषि ब्रांड सिंघाड़ा आटा और रोशन लाल एंड ब्रदर्स तिजारा का मास्टर जी ब्रांड गुलाब शरबत सहित कई प्रतिष्ठान शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन सभी मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डॉ अरविंद गेट ने कहा कि आगामी होली एवं शादी के सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत दूध, मावा, मिठाई, मसाले, पेय पदार्थ एवं अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच की जाएगी, ताकि आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।
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