अलवर , दिसम्बर 31 -- राजस्थान में अलवर जिला पुलिस साइबर अपराधों एवं अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक जनवरी से विशेष अभियान चलाएगी जिसके तहत वांछित अपराधियों और साइबर ठगी में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बुधवार को यहां पत्रकारों को बताया कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए राज्य स्तर पर चलाए गए विशेष अभियान 'ऑपरेशन साइबर व्रज प्रहार' की निरंतरता में अलवर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ एक जनवरी से विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिसे 'ऑपरेशन साइबर 2.0' का नाम दिया गया है।
उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन साइबर व्रज प्रहार के तहत साइबर अपराधियों द्वारा साइबर अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित करके 107 बीएनएस के तहत जप्त करने की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा साइबर अपराधियों के विरुद्ध नियमानुसार धारा 111/ 112 बीएनएस के तहत कार्रवाई की जाएगी।
श्री चौधरी ने बताया कि साइबर ठगी के मामले में कई बार निजता रखनी पड़ती है और संवेदनशील मामलों में ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। हालांकि जितने भी अपराधी चाहे हुए बाहर के पीड़ित हो उनको भी पूरी तरह न्याय दिलाने का काम अलवर पुलिस करेगी। बाहर के अपराधी को उन राज्यों की पुलिस की सहायता से गिरफ्तार भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अलवर में 118 शीर्ष 10 अपराधी हैं जो लगातार अद्यतन होते रहते हैं और इनमें काफी स्थाई वारंटी हैं जिन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।
श्री चौधरी ने बताया कि जितने भी आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे अब हर व्यक्ति का विवरण तैयार किया जा रहा है। चाहे वह फिंगरप्रिंट हो या अन्य तरीके से पूरा विवरण तैयार किया जा रहा है। जिससे कभी वह अपराध में लिप्त पाए जाए तो उसे तुरंत ही पकड़ा जा सके ।
इस अवसर पर श्री चौधरी ने वर्ष 2025 की उपलब्धियां का जिक्र करते हुए बताया कि कुल संपत्ति संबंधी अपराधों में 30 प्रतिशत की कमी आई है और शहर में 33 प्रतिशत की गिरावट आई है। चोरी के मामलों में 32 प्रतिशत बरामदगी हुई है। वहीं लूट मामलों में 73 प्रतिशत बरामदगी हुई है।
उन्होंने बताया कि साइबर संग्राम के तहत कुल 276 मामले दर्ज करके विगत वर्ष से दुगनी कार्रवाई की गई जिसमें 425 आरोपी गिरफ्तार किए गए। 27 सक्रिय केंद्र चिन्हित किए गए। बैंको के माध्यम से चार करोड़ से अधिक की राशि रुकवाई गई। 67 लाख के करीब राशि परिवादियों को वापस दिलवाई गई।
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