गांधीनगर , दिसंबर 05 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के महात्मा मंदिर परिसर में कहा कि कृषि, ग्रामीण, मानवता और नवाचार के सशक्तिकरण के लिए शुक्रवार से आयोजित यह दो दिवसीय अर्थ समिट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सक्षम बनाने के विचारों के अनुरूप है।
श्री पटेल ने कहा कि यह दो दिवसीय समिट एक्सपो सहकारी संगठनों, बैंकों, नीति निर्माताओ, स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स, एग्रीकल्चर साइंटिस्ट्स, रिसर्चर्स तथा स्कॉलर्स आदि को एक प्लेटफॉर्म पर लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गुजरात ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाले फाइनेंशियल इंश्योरेंस, सर्कुलर इकोनॉमी और ग्रीन ग्रोथ तथा क्लाइमेट रेजीलिएंस, एग्रीकल्चर, प्राकृतिक खेती और पशुपालन क्षेत्र में महिलाओं के योगदान और ग्रामीण रोजगार तथा ग्रामोत्थान के लिए 'सहकार से समृद्धि' की जो दिशा अपनाई है, उस विषय में विस्तार से जानकारी दी।
इस समारोह के दौरान श्री शाह ने 'सहकार सारथी' पहल तथा उसकी डिजिटल सेवाओं को लॉन्च किया। इसके अलावा, उन्होंने राज्य सरकार के 'स्टेट फोकस पेपर ऑफ गुजरात 2026-27' और नाबार्ड- बीसीजी के 'ग्रामीण बैंकिंग का भविष्य' विषय पर शोध पत्र का विमोचन किया।
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