रायपुर, 02 जनवरी 2026 (वार्ता) छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर प्रदेश का साहू समाज नाराज़ हो गया है। समाज ने इस बयान को अपमानजनक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है और सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
छत्तीसगढ़ साहू समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि भूपेश बघेल 10 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो समाज आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष नीरेंद्र साहू ने बताया कि इस मुद्दे पर 5 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगे की रणनीति सार्वजनिक की जाएगी। इस संबंध में सभी जिला अध्यक्षों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश भी दे दिए गए हैं।
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 29 दिसंबर 2025 को बिलासपुर दौरे के दौरान लिंगियाडीह क्षेत्र में चल रहे आंदोलन के समर्थन में सरकार पर हमला बोला था। इसी दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना बंदर से कर दी थी। इसी बयान को लेकर साहू समाज में भारी रोष देखा जा रहा है।
साहू समाज का कहना है कि उनके समाज के गौरव और राज्य के उपमुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग अस्वीकार्य है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समाज ने इसे राजनीतिक आलोचना की सीमा से बाहर बताया है।
वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भूपेश बघेल जैसे वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री से संयमित और मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आलोचना हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
पूर्व मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद से प्रदेश साहू समाज मुखर हो गया है और लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी और सामाजिक हलचल और तेज होने की संभावना है।
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