अम्बेडकरनगर , जनवरी 25 -- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह विद्यालय इसी वर्ष नवंबर तक बनकर तैयार होने की संभावना है, जिसके बाद इसका लोकार्पण किया जाएगा। यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अयोध्या परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने शनिवार को बताया कि अम्बेडकरनगर जिले के यूपी ब्लॉक स्थित नरहरपुर गांव में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। यह विद्यालय प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि बच्चों को अलग-अलग स्कूलों में भटकना न पड़े और उन्हें एक ही स्थान पर विश्वस्तरीय शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसी योजना के तहत प्रदेश के 39 जिलों में ऐसे मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिसमें अम्बेडकरनगर जिला भी शामिल है।
परियोजना प्रबंधक के अनुसार यह विद्यालय 9.29 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग 23.59 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की निर्माण इकाई-11 द्वारा कराया जा रहा है। विद्यालय परिसर में प्लस-टू मुख्य भवन के अलावा मिड-डे मील भवन, जी प्लस वन संरचना, प्रधानाचार्य व उप-प्रधानाचार्य आवास, कर्मचारी आवास, डॉरमेट्री, बाल वाटिका भवन, मल्टीपरपज हॉल, गार्ड रूम, बाउंड्री वॉल, इंटरलॉकिंग और सीसी रोड का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में लगभग 1500 छात्र-छात्राओं की क्षमता होगी तथा 30 से अधिक कक्षा-कक्ष बनाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य निर्धारित समय से तेजी से चल रहा है और इसे इसी वर्ष नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
कार्यदायी संस्था के अनुसार इस परियोजना को लेकर जिले के लोगों में भारी उत्साह है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों की कमी से प्रभावित बच्चों को अब बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है। यह विद्यालय न केवल शैक्षणिक गतिविधियों, बल्कि खेल, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर भी विशेष जोर देगा।
उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे अम्बेडकरनगर जिले में यह कम्पोजिट विद्यालय दलित, पिछड़े और गरीब वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नरहरपुर का यह विद्यालय आने वाले समय में क्षेत्र की शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा और हजारों बच्चों के भविष्य को नई दिशा देगा।
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