वॉशिंगटन , फरवरी 13 -- अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड और उसके साथ तैनात जहाज़ों को कैरेबियन सागर से पश्चिम एशिया भेजा जाएगा। यह जानकारी अमेरिकी प्रशासन के सूत्रों के हवाले से द न्यूयॉर्क टाइम्स ने दी है।

सूत्रों के अनुसार, जहाज़ के चालक दल को गुरुवार को इस निर्णय की जानकारी दे दी गई।फोर्ड स्ट्राइक ग्रुप फारस की खाड़ी में पहले से तैनात विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के स्ट्राइक ग्रुप में शामिल होगा। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान पर बढ़ते दबाव अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। श्री ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में संकेत दिया था कि वे क्षेत्र में दूसरा विमानवाहक पोत भेजना चाहते हैं, हालांकि तब तक पोत का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया था।

बुधवार को द वाल स्ट्रीट जर्नल ने खबर दी थी कि पेंटागन ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच दूसरे विमानवाहक स्ट्राइक ग्रुप को मध्य पूर्व के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है, लेकिन पोत का नाम स्पष्ट नहीं किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, नया आदेश फोर्ड स्ट्राइक ग्रुप को फारस की खाड़ी में अब्राहम लिंकन के साथ शामिल होने का निर्देश देता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जनवरी की शुरुआत में जेराल्ड आर. फोर्ड के लड़ाकू विमानों ने कराकस पर हमले में भाग लिया था, जिसके परिणामस्वरूप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी हुई थी। वर्तमान तैनाती पहले ही एक बार बढ़ाई जा चुकी है और चालक दल मार्च की शुरुआत में स्वदेश लौटने की उम्मीद कर रहा था।

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