नयी दिल्ली , फरवरी 03 -- अमेरिका ने एक भारतीय व्यक्ति गुरमीत सिंह की नागरिकता रद्द करने (डीनेचुरलाइजेशन) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार गुरमीत सिंह पर एक महिला के साथ दुष्कर्म करने और अपनी नागरिकता के आवेदन में इस जानकारी को छिपाने का आरोप है, जिसके आधार पर उसकी अमेरिकी नागरिकता छीनने की कार्यवाही शुरू की गई है।
'डीनेचुरलाइजेशन' एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया है जिसके तहत अमेरिकी सरकार प्राकृतिक रूप से नागरिकता प्राप्त किसी व्यक्ति की नागरिकता रद्द कर देती है। यह आमतौर पर प्रवास प्रक्रिया के दौरान धोखाधड़ी, अवैध खरीद या तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के मामलों में किया जाता है। यह केवल उन नागरिकों पर लागू होता है जिनका जन्म अमेरिका में नहीं हुआ है।
न्याय विभाग की शिकायत के अनुसार, गुरमीत सिंह ने अपने नागरिकता आवेदन में इस तथ्य को न सिर्फ छिपाया, बल्कि गलत तरीके से पेश किया कि उसने एक महिला यात्री का अपहरण और यौन शोषण किया था। आरोप है कि उसकी टैक्सी में जब महिला यात्री पीछे की सीट पर सो गई, तो वह उसे एक सुनसान सड़क पर ले गया। जब महिला की नींद खुली, तो उसने गुरमीत सिंह को अपने ऊपर पाया, जिसने उसके गले पर चाकू रखकर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद सिंह ने उसे बांध दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
गुरमीत सिंह ने अपनी नागरिकता की पूरी प्रक्रिया के दौरान इन कृत्यों को छिपाए रखा और 19 अक्टूबर, 2011 को अमेरिकी नागरिक के रूप में नागरिकता प्राप्त कर ली। नागरिकता मिलने के बाद, वह न्यूयॉर्क में दुष्कर्म और अपहरण (यौन प्रेरित अपराध) का दोषी ठहराया गया और 20 साल जेल की सजा सुनाई गई।
अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी ने कहा, "न्याय विभाग उन लोगों से नागरिकता छीनना जारी रखेगा जो जघन्य अपराध करते हैं और नागरिकता प्रक्रिया के दौरान उन्हें छिपाते हैं।" न्याय विभाग के नागरिक प्रभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शुमेट ने कहा कि इस व्यक्ति के घिनौने कृत्यों से सिद्ध होता है कि उसे अमेरिकी नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए थी।
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