चंडीगढ़ , अप्रैल 03 -- पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा पंजाब और हरियाणा के युवा ट्रक ड्राइवरों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में बसे लाखों पंजाबी युवा अपनी आजीविका के लिए ट्रकचलाने के पेशे पर निर्भर हैं और इसी काम से अपने परिवारों का पालन-पोषण करते हैं। इस फैसले ने हजारों-लाखों पंजाबी युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है।
श्री रंधावा ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह विदेश मंत्रालय को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेपकरने का निर्देश दे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत करनी चाहिए, ताकि वहां काम कर रहे भारतीय, विशेषकर पंजाबी ट्रक ड्राइवरों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंनेजोर देकर कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के अधिकारों और रोजगार की रक्षा करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।
सांसद रंधावा ने कहा कि पंजाबियों के रोजगार को बचाने के लिए इस मुद्दे को दिल्ली में भी उठाया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिका में पंजाबी समुदाय लंबे समय से परिवहन क्षेत्र में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम कर रहा है। ऐसे में अचानक लाइसेंस रद्द करना बेहद चिंताजनक है।
श्री रंधावा ने कहा कि इजरायल और ईरान के बीच तनाव के कारण पहले से ही वैश्विक अस्थिरता है, और अमेरिका के इस तरह के फैसले व्यापक नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम से लगभग 1,50,000 भारतीय ट्रक ड्राइवरों पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने उल्लेख किया कि इससे पहले भी पंजाब और हरियाणा के लगभग 1,790 ट्रक ड्राइवरों के लाइसेंस अचानक रद्द कर दिये गये थे। अब ट्रक चलाने के लिए वर्क वीजा की अनिवार्य शर्त लगा दी गयी है, जिससे लाखों भारतीयों के व्यवसाय और आजीविका के सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्होने कहा कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार को बिना किसी देरी के प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि विदेश में बसे हमारे युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
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