नयी दिल्ली , फरवरी 13 -- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को पूरी तरह देश के किसानों के हित में बताते हुए कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर इस समझौते को लेकर किसानों को गुमराह करने और उन्हें आपस में भिड़ाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।

श्री गोयल ने कहा है कि अमेरिका के साथ समझौते से देश के किसानों को फ़ायदा होगा, खेती के सामान का ज़्यादा निर्यात होगा और उनके उत्पादों मांग बढ़ेगी, जिससे कीमतें बढ़ेंगी और किसानों की खुशहाली होगी। उन्होंने किसानों को समझौते को लेकर आश्वस्त किया है और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा किसानों के साथ हमदर्दी रखते हैं तथा समझौते में देश के किसानों के हित को सबसे ऊपर रखा गया है।

श्री गोयल ने आज तड़के जारी एक बयान में कहा, '' राहुल गांधी जी को मिथ्याचार की आदत है। उन्हें भारत माँ या हमारे किसानों और युवाओं की भलाई की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आज (कल) जारी एक वीडियो में, झूठ बोलने और बेबुनियाद आरोप लगाने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।"श्री गांधी ने गुरूवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था कि अमेरिका के साथ हुआ समझौता देश के किसानों के हित में नहीं है इसलिए वह इसके खिलाफ किसानों के साथ मिलकर लड़ेंगे।

श्री गोयल ने बयान में कहा, '' वह (श्री गांधी) अपनी मनगढ़ंत बातों से हमारे किसानों को गुमराह कर रहे हैं और हमारे अन्नदाताओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कभी हमारी मातृभूमि की परवाह नहीं की, और न ही हम उनसे भारत के मजबूत और खुशहाल भविष्य के लिए काम करने की उम्मीद कर सकते हैं।"वाणिज्य मंत्री ने कहा है , ' प्रधानमंत्री मोदी हमेशा हमारे किसान भाइयों और बहनों के प्रति हमदर्दी रखते रहे हैं। उन्होंने किसानों के हित को हमेशा सबसे पहले रखा है और उनके सभी फैसले उनकी खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए हैं।'वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा है कि मोदी सरकार ने कई ऐसी योजनाएं लागू की हैं जिनसे करोड़ों किसानों की जिंदगी बदल गई है। उन्होंने कहा, 'हाल ही में अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते में देश के किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा गया और उन्हें पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।'वाणिज्य मंत्री ने अपने बयान में फिर कहा है कि इस समझौते में भारत में गेहूं, चावल, बाजरा, सोयामील, मक्का, जीम खाद्य उत्पाद, मसाले, आलू जैसे सभी प्रमुख उत्पादों के बाजार को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।' उल्लेखनीय है कि भारत में आनुवांशिक परिवर्तन से विकसित खाद्य फसलों की खेती और व्यापार की अनुमति नहीं है।

उन्होंने कहा है कि सरकार ने इस करार में सेब समेत मुख्य फल उगाने वाले किसानों के हितों की भी पूरी तरह से रक्षा की है। डेयरी या पोल्ट्री उत्पादों के लिए भी भारत के दरवाज़े नहीं खोले गए हैं।

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