तेहरान , फरवरी 02 -- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने परमाणु मुद्दे पर अमेरिका से बातचीत शुरू करने का आदेश दिया है। ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने सोमवार को एक अज्ञात सरकारी सूत्र के हवाले से यह जानकारी दी।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के संभावित विवरण और आम रूपरेखा की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने एक साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी उन पश्चिमी मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए की, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत अगले कुछ दिनों के भीतर तुर्की में हो सकती है।
श्री बघाई ने कहा कि ईरान फैसला लेने के चरण में है और इस मुद्दे के अलग-अलग पहलुओं और कोणों की जांच कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, "ईरान के लिए समय बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हमने पिछले कुछ चरणों में बातचीत की प्रक्रिया का दूसरे पक्षों की ओर से गलत इस्तेमाल देखा है।"उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देश दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करने वाले मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे हैं। श्री बघाई ने कहा कि पिछले दस वर्षाें में ईरान ने अक्सर अमेरिका से धोखा और वादे पूरे न करने का अनुभव किया है। इसका नतीजा पिछले साल जून में देखने को मिला जब इजरायल और अमेरिका ने देश पर हमला किया। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी तरफ के व्यवहार में 'साफ विरोधाभास' है।
श्री बघाई ने कहा कि ईरान ने हमेशा कूटनीतिक दृष्टिकोण अपनाने और अपने राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने तथा क्षेत्र में सामूहिक शांति की रक्षा के लिए कूटनीति का उपयोग करने में दृढ़ प्रतिबद्धता साबित की है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना या कम करना ईरान के लिए उपलब्धि होगी, चाहे यह कभी हो। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की प्रकृति के बारे में चिंताओं को दूर करने और विश्वास बहाली के बदले में, प्राथमिकता के तौर पर प्रतिबंधों को हटाने की मांग करता है।
क्षेत्र में बढ़ती अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने जनवरी के अंत में मध्य पूर्व में एक विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप और कई युद्धपोत तैनात किये थे।
श्री ट्रंप ने रविवार को कहा कि यदि ईरान अमेरिका के साथ परमाणु समझौता करने में विफल रहता है, तो 'हमें पता चल जायेगा' कि ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की यह चेतावनी कितनी सही थी कि अमेरिकी हमला क्षेत्रीय युद्ध को भड़का सकता है।
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