नयी दिल्ली , फरवरी 23 -- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी सीमा-शुल्क का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा इसकी समीक्षा की जा रही लेकिन अभी इसका कोई आकलन करना जल्दबाजी होगी ।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि अमेरिका की शुल्क नीति की समीक्षा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल कर रहे हैं। वह यहां भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की केंद्रीय निदेशक मंडल की बजट-पश्चत पारंपरिक बैठक के बात को संबोधित कर रही थीं । उनके साथ आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा भी थे। आरबीआई गवर्नर ने चिंताओं को कम करने का प्रयास करते हुए कहा कि भारत की वित्तीय प्रणाली मजबूत है।

वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका की ट्रम्प सरकार के सीमा-शुल्क संबंधी नये कदमों की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में प्रतिक्रिया देखी जा रही है और देश अपने व्यापारिक जोखिम और वृद्धि की संभावनाओं का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। आरबीआई को वैश्विक अनिश्चितताओं से कोई व्यापक वित्तीय तनाव उभरता नहीं दिख रहा है।

मौद्रिक नीति की दिशा पर गवर्नर ने दोहराया कि ब्याज दरों से जुड़े निर्णय आंकड़ों के आधार पर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा, "ब्याज दर का फैसला आर्थिक वृद्धि दर और मुद्रास्फीति की बदलती परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। हम सभी बाजारों के लिए मजबूती के साथ धन उपलब्ध कराएंगे।"आज की इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल के सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें व्यापक आर्थिक स्थिति, वित्तीय क्षेत्र की स्थिरता और केंद्रीय बजट के बाद के परिदृश्य की समीक्षा की गई।

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